मॉरिशस के प्रधानमंत्री your excellency, प्रवीन्‍द जगन्‍नाथ जी, उनकी पत्‍नी श्रीमती कविता जगन्‍नाथ जी, यूपी के राज्‍यपाल श्रीमान राम नाईक जी, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी सुषमा स्‍वराज जी, मुख्‍यमंत्री श्री योगी आदित्‍यनाथ जी, हरियाणा के मुख्‍यमंत्री श्री मनोहर लाल जी, उत्‍त्‍राखंड के मुख्‍यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी और दुनिया भर से पधारे, और काशी प्रधारे मेरे प्रिय भाईयों और बहनों।

सबसे पहले आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन, बहुत-बहुत स्‍वागत है। आप सभी यहां अपनी, अपने पूर्वजों की मिट्टी की महक से खींचे चले आए हैं। कल जिन्‍हें प्रवासी भारतीय सम्‍मान मिलने वाला है। उन्‍हें मैं अपनी तरफ से अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आज का दिन मेरे लिए भी विशेष है। जैसा कि सुषमा जी कह रही थी, मैं आपके सामने प्रधानमंत्री के साथ-साथ काशी का सांसद होने के नाते एक मेज़बान के रूप में उपस्थित हुआ। बाबा विश्‍वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहा मेरी यही प्रार्थना है।

साथियों, आज आपसे अपनी बात शुरू करने से पहले मैं डॉक्‍टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्‍वामी जी के निधन पर अपना शोक व्‍यक्‍त करना चाहता हूं। तुमकुर के श्री सिद्ध गंगा मठ में मुझे कई बार उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था। और जब भी उनसे मिलता था वो एक बेटे की तरह मुझे इतना स्‍नेह करते थे, इतना आशीर्वाद देते थे। ऐसे महान संत महाऋषि का जाना हम सभी के लिए बहुत दु:खद है, मानव कल्‍याण के लिए उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा। मैं आदरपूर्वक उन्‍हें नमन करता हूं। उनको श्रद्धांजलि देता हूं।

भाईयों और बहनों, दुनियाभर में बसे आप सभी भारतीयों से संवाद का यह अभियान हम सभी के प्रिय श्रद्धेय अटल बिहार वाजपेयी जी ने शुरू किया था। अटल जी के जाने के बाद यह पहला प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन है। इस अवसर पर मैं अटल जी को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं, उनकी इस विराट सोच के लिए नमन करता हूं।

साथियों, आप सभी काशी में है और इसलिए मैं काशी और आप सभी में एक समानता भी देख रहा हूं। बनारस नगरी चिरकाल से ही भारत की सांस्‍कृतिक, अध्‍यात्मिक और ज्ञान की परंपरा से दुनिया में देश का परिचय कराती रही है। आप भी अपने दिलों में भारत और भारतीयता को संजोये हुए इस धरती की ऊर्जा उससे दुनिया को परिचित करा रहे हैं। साथियों, मैं आपको भारत का Brand Ambassador मानने के साथ ही भारत के सामर्थ्‍य और भारत की क्षमताओं, देश की विशेषताओं का प्रतिनिधि भी और प्रतीक भी मानता हूं। इसलिए ही आप अभी जिस देश में भी रह रहे हैं, वहां के समाज को भी आपने अपनापन दिया है। वहां की संस्‍कृति और अर्थव्‍यवस्‍था को समृद्ध किया है। आपने ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम’ इस भारतीय दर्शन का हमारे पारिवारिक मूल्‍यों का विस्‍तार किया है। आप सभी जिस देश में बसे हैंवहां के समाज के लगभग हर क्षेत्र में leadership के रोल में नजर आते हैं, मॉरिशस को श्री प्रवीण जगन्‍नाथ जी पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं इसके अलावा पुर्तगाल, त्रिनाड, टोबेगो और आयरलैंड जैसे अनेक देशों को ऐसे सक्षम लोगों का नेतृत्‍व मिला है। जिनकी जड़े भारत में हैं।

साथियों, आप सभी के सहयोगसे बीते साढ़े चार वर्षों में भारत ने दुनिया में अपना स्‍वाभाविक स्‍थान पाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता। हमने इस सोच को ही बदल डाला है। हमने बदलाव करके दिखाया है।   

साथियों, दुनिया आज हमारी बात को, हमारे सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ सुन भी रही है और समझ भी रही है। पर्यावरण की सुरक्षा और विश्‍व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्‍वीकार कर रही है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के सबसे बड़े पर्यावरण पुरस्‍कार Champions of the earth के साथ-साथ Seoul Peace Prize का मिलना इसी का परिणाम है।  

साथियों, आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है। International solar alliance यानि ISA ऐसा ही एक मंच है। इसके माध्‍यम से हम दुनिया को one world, one sun , one grid उस तरफ ले जाना चा‍हते हैं। ये हमारे उस लक्ष्‍य का भी हिस्‍सा है जिसके तहत हम भारत की समस्‍याओं के ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं जिससे दूसरे देशों की मुश्किले भी हल हो सके।local solution global application के approach के साथ हम काम कर रहे हैं। Reform, perform, transform और सबका साथ-सबका विकास के सूत्र पर चलते हुए देश ने बीते साढ़े चार वर्षों में क्‍या पाया इसकी एक तस्‍वीर मैं आपके सामने रखना चाहता हूं।

आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती economic ताकत है। तो sports में भी हम बड़ी शक्ति बनने की तरफ निकल पड़े हैं। आज Infrastructure के बड़े और आधुनिक संसाधन बन रहे हैं तो space के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बना रहे हैं।

आज हम दुनिया का सबसे बड़ा strat-up eco system है तो दुनिया की सबसे बड़ी Health care scheme आयुषमान भारत भी चला रहे हैं। आज हमारा युवा make in India के तहत रिकॉर्ड स्‍तर पर मोबाइल फोन, कार, बस, ट्रक, ट्रेन बना रहा है तो वही खेत में रिकॉर्ड अन्‍न उत्‍पादन हो रहा है। आपको मैं एक उदाहरण देता हूं।

साथियों, आप में से अनेक लोगों ने हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री की भ्रष्‍टाचार को लेकर कही एक बात जरूर सुनी होगी। उन्‍होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्‍ली से जो पैसे भेजती है उसका सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोगों तक पहुंच पाता है। अगर दिल्‍ली से एक रुपया निकलता है तो 15 पैसा गांव में पहुंचता है, 85 पैसे छूमंतर हो जाते हें। ये एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री ने हमारे देश में कहा था।इतने वर्ष तक देश में जिस पार्टी ने शासन किया, उसने देश को जो व्‍यवस्‍था दी थी उस सच्‍चाई को प्रधानमंत्री रहते हुए उन्‍होंने स्‍वीकार किया था। लेकिन अफसोस ये रहा कि बाद के अपने 10-15 साल के शासन में भी इस लूट को, इस लीकेज को बंद करने का प्रयास नहीं किया गया। बीमारी तो पता चला, बीमारी को स्‍वीकार भी किया लेकिन इलाज करने की दिशा में ने सोचा, न कुछ किया। देश का मध्‍यम वर्ग ईमानदारी से टैक्‍स देता रहा है और 85 प्रतिशत की ये लूट भी चलती रही है।

साथियों, अब मैं आपको आज की सच्‍चाई भी बताना चाहता हूं। हमने टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल करके इस 85 प्रतिशत की लूट को शत-प्रतिशत खत्‍म कर दिया है। बीते साढ़े चार वर्षों में करीब-करीब 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपये... यानि करीब-करीब 80 billion डॉलर हमारी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिए, उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए हैं। किसी को घर के लिए, किसी को पढ़ाई के लिए, किसी को scholarship के लिए, किसी को गैस सिलेंडर के लिए, किसी को अनाज के लिए ये राशि दी गई है। अब आप अंदाज लगाइए अगर देश अपने पुराने तौर-तरीकों से ही चलता रहता होता तो आज भी इस 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपये में से करीब-करीब साढ़े चार लाख से भी ज्‍यादा हजार करोड़... साढ़े चार लाख हजार करोड़ से ज्‍यादा... ये रकम छूमंतर हो जाती, लीक होती, अगर हम व्‍यवस्‍था में बदलाव नहीं लाते होते तो ये राशि उसी तरह लूट ली जाती जैसे पूर्व प्रधानमंत्री ने स्‍वीकार किया था कि लूटी जाती थी।  

साथियों, ये सुधार पहले भी हो सकता था लेकिन नीयत नहीं थी, इच्‍छाशक्ति नहीं थी और नीति की अपेक्षा करना जरा कठिन लगता है। हमारी सरकार अब उस रास्‍ते पर चल रही है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली हर मदद Direct benefit transfer scheme के तहत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में transfer की जाए।मैं आपको एक और आंकड़ा देता हूं। पिछले साढ़े चारसाल में हमारी सरकार ने करीब-करीब 7 करोड़ ऐसे फर्जी लोगों को पहचान कर उन्‍हें व्‍यवस्‍था से हटाया है। ये 7 करोड़ लोग वो थे जो कभी जन्‍मे ही नहीं थे जो वास्‍तव में थे ही नहीं लेकिन ये 7 करोड़ लोग सरकारी सुविधाओं को लाभ ले रहे थे। कागज पर वो थे, कागज पर पैदा भी हुए,बड़े भी हुए और फायदा भी उठाते रहे।आप सोचिए पूरे ब्रिटेन में जितने लोग हैं, पूरे फ्रांस में जितने लोग हैं, पूरे इटली में जितने लोग हैं ऐसे अनेक देशों की जनसंख्‍या से ज्‍यादा तो हमारे यहां वो लोग थे जो सिर्फ कागजों में ही जी रहे थे और कागजों में ही सरकारी सुविधाओं का लाभ चला जाता था। इन 7 करोड़ फर्जी लोगों को हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। ये उस बदलाव की एक झलक है जो पिछले साढ़े चार वर्षों में देश में आना शुरू हुआ है।

साथियों, ये देश में हो रहे बड़े पैमाने पर हो रहे परिवर्तन की न्‍यू इंडिया के नए आत्‍मविश्‍वास की एक झांकी भर है। भारत के गौरवशाली अतीत को फिर स्‍थापित करने के लिए 130 करोड़ भारतवासियों के संकल्‍प का ये परिणाम है। और मैं आज बहुत गर्व से कहना चाहता हूं इस संकल्‍प में आप भी शामिल हैं।

साथियों, सरकार का पूरा प्रयास है कि आप सभी जहां भी रहें सुखी रहें और सुरक्षित रहें। बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान संकट में फसे 2 लाख से ज्‍यादा भारतीयों को  सरकार के प्रयासों से दुनिया के भिन्‍न-भिन्‍न देशों में मदद पहुंचाई गई है। आपकी सोशल सिक्‍योरिटी के साथ-साथ पासपोर्ट, वीजा, पीआईओ और ओसीआई कार्ड को लेकर भी तमाम प्रक्रियाओं को आसान करने की कोशिश सरकार कर रही है। प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ महीने पहले ही एक नया कदम भी उठाया गया है। दुनिया भर में हमारी एम्‍बेसिस और कांउसलेटस को पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्‍ट से जोड़ा जा रहा है। इससे आप सभी के लिए पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक centralize system तैयार हो जाएगा। बल्कि अब तो एक कदम आगे बढ़ते हुएchip based E-passport जारी करने की दिशा में भी काम चल  रहा है।  

साथियों, पासपोर्ट के साथ-साथ वीजा से जुड़े नियमों को भी सरल किया जा रहा है। ई-वीजा की सुविधा मिलने से आपके समय की बचत भी हो रही है और परेशानियांभी कम हुई हैं। अभी भी कोई समस्‍या इसमें है तो उसके सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।आप में से अनेक इस बात से भी परिचित होंगे कि हमारी सरकार ने पीआईओ कार्ड को ओसीआई कार्ड में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। साथियों आप अपनी मिट्टी से भले ही दूर है, लेकिन New India के निर्माण में आपकी सक्रिय भागीदारी में.. और बढ़ोतरी होइसके लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। भारत में जो बदलाव आ रहा है, जो नये अवसर बन रहे हैं, उसमें आपका योगदान बहुत ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है। बदलते हुए इस भारत में आप Research and Development और innovation में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सरकार यह भी कोशिश कर रही है कि भारत के स्‍टार्ट अप और NRI mentors को एक साथ एक प्‍लेटफॉर्म पर लाएं। Defense Manufacturing भी आपके लिए एक अहम सेक्‍टर हो सकता है।

भाईयों और बहनों मां भारती की सुरक्षा अर्थव्‍यवस्‍था के साथ-साथ अपनी आध्‍यात्मिक और सांस्‍कृतिक विरासत से भी आपका जुड़ाव और मजबूत होइसके लिए प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना की भी शुरूआत की जा रही है। मैं इस मंच पर पहले भी कह चुका हूं, और आज फिर दोहराना चाहता हूं कि आप जिस भी देश में रहते हैं वहां से अपने आसपास के कम से कम पांच परिवार और वो भी non-Indian पांच परिवारों को भारत आने के लिए आप प्रेरित करिये। आपका यह प्रयास देश में टूरिज्‍म बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। इसी तरह आप इस वर्ष गांधी जी की 150वीं जन्‍म जयंती पर अपने देश में रहते हुए कैसे उनकी बातों को, भारत की बातों को अन्‍य लोगों तक पहुंचाएंगे। इस पर भी विचार कीजिए। पिछले दिनों सुषमा जी के नेतृत्‍व में दुनिया के कई देशों में एक अच्‍छा प्रयोग हुआ। वहां की हमारी सभी embassiesने गांधी 150 जयंती पर उस देश के कलाकारों को वैष्णव जन तो तेने कहियेगांधी जी का प्रिय भजन उनको गाने के लिए request की। you tube पर इसकी सारी video available है। आप भी हैरान हो जाएंगे कि विदेश के नागरिक, विदेश के कलाकार कितनी भक्तिभाव से वैष्णव जन तो तेने कहियेयह गा रहे हैं। एक प्रकार से गांधी ग्‍लोबल है, यह अनुभूति हम सब इसको सुनते कर सकते हैं। और इसलिए कुछ विशेष कार्यक्रम अगर आप करना चाहे तो भारतीय दूतावास embassy द्वारा भी आपकी हर संभव मदद की जाएगी। इस वर्ष हम सभी गुरूनानक देव जी की 550वीं जयंती भी मना रहे हैं। गुरुवाणी को हम कैसे दूसरे देशों के लोगों तक पहुंचाए, उन्‍हें भारत की समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत से उसे कैसे परिचित कराए, इस बारे में भी मैं चाहूंगा कि आप जिस भी देश में हो, कुछ न कुछ योजनाएं बननी चाहिए, कुछ न कुछ प्रयास होना चाहिए। साथियों, यह बातें सिर्फ सुझाव के तौर पर आपके सामने रख रहा हूं। मुझे पता है कि आप में से बहुत से लोग पहले से ऐसा करते आ रहे हैं, लेकिन आपसे स्‍नेह ऐसा है कि मैं खुद को रोक नहीं पाता हूं।

मैं विशेष रूप से आज उत्‍तर प्रदेश सरकार को भी बधाई देना चाहता हूं आमतौर पर किसी राज्‍य में प्रवासी भारतीय दिवस का इतना बड़ा कार्यक्रम लेना हो, दुनिया के इतने मेहमान आने वाले हो, तो उस राज्‍य को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, बहुत योजना करनी पड़ती है। करीब-करीब एक साल उसमें लग जाता है। और एक कार्यक्रम करने के बाद एक साल थकान उतरने में चला जाता है। मैं उत्‍तर प्रदेश को इसलिए बधाई देता हूं कि कुंभ जितना बड़ा कार्यक्रम चल रहा हो, इतनी बड़ी व्‍यवस्‍था लगी हुई हो, कुंभ मेले की तैयारी में 2-3 साल लगातार काम करना पड़ता है। और मुझे संकोच हो रहा था कि कुंभ के मेले की जिम्‍मेदारी उत्‍तर प्रदेश के पास है, सारी सरकारी मशीनें उसमें व्‍यस्‍त हैं। 10 करोड़ लोग वहां आने की संभावना है। ऐसे में काशी में यह कार्यक्रम करें या न करें। मेरे मन में झिझक थी लेकिन मैं योगी जी को, उनकी पूरी टीम को, उत्‍तर प्रदेश के प्रशासन और शासन को हृदय से बधाई देता हूं कि उन्‍होंने एक साथ दो इतने बड़े कार्यक्रम इस बात ने दुनिया को इस बात का परिचय करा दिया है कि उत्‍तर प्रदेश की Government, उत्‍तर प्रदेश की bureaucracy, उत्‍तर प्रदेश के मुलाजिम यह भी दुनिया में किसी से कम नहीं है। और इसलिए मैं उनका विशेष अभिनन्‍दन करता हूं।

मैं काशीवासियों को सिर झुका करके प्रणाम करना चाहता हूं, क्‍योंकि मैंने प्रवासी भारतीय दिवस को गुजरात में भी किया हुआ है। और शायद गुजरात के मुख्‍यमंत्री कहो या आज प्रधानमंत्री के पद पर देखो, शायद हिन्‍दुस्‍तान में एक ऐसा इंसान हूं जो करीब-करीब सभी प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित रहा हूं। जब मुख्‍यमंत्री थातब भी आता था, प्रधानमंत्री के बाद तो दायित्‍व बना है। एक बार सिर्फ मैंने वीडियो कॉन्‍फ्रेंस से शरीक हुआ था, otherwise मैं physically ही जाता हूं। मैंने इतने कार्यक्रम देखे हैं। गुजरात में भी मैं मेज़बान था, लेकिन काशी ने जिस प्रकार से इस कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम नहीं बनने दिया, जनता जनार्दन का कार्यक्रम बन गया, हर काशीवासी ने इसे अपना कार्यक्रम बना लिया। करीब-करीब चार सौ लोग परिवारों में ठहरे हैं और यहां की tent city का नजारा ऐसा है कि मुझे बताया गया कि कई लोग जो होटल में ठहरे थे, वो होटल छोड़ करके tent city का मजा लेने चले आए हैं। एक नया अनुभव करने के लिए चले आए। मैं समझता हूं और पिछले दो महीने से मैं लगातार देख रहा था। काशीवासियों ने काशी को एक प्रकार से ग्‍लोबल Headquarter बना दिया हो ऐसा माहौल बना दिया था। यहां आया हुआ हर मेहमान काशीवासी को लग रहा है उसके खुद के परिवार का मेहमान है। ऐसा वातावरण प्रवासी भारतीय सम्‍मेलनों में इसके पहले मैं कभी देख नहीं पाया हूं, जो काशीवासियों ने दिखाया है। और इसलिए मैं काशीवासियों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मैं स्‍थानीय administration को भी, यहां के अधिकारियों को भी हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि उन्‍होंने अपने बलबूते पर इतनी बड़ी व्‍यवस्‍था को चलाया, बढ़ाया और आगे बढ़ाया। और इन सबके पीछे सुषमा जी का नेतृत्‍व और उनकी पूरी टीम यह तो अभिनंदन के हकदार है ही है। काशी का गौरव बढ़ा तो यहां के सांसद के नाते मेरी खुशी जरा चार गुना ज्‍यादा बढ़ जाती है।

मेहनत आप लोगों ने की, योजना आप लोगों ने बनाई, पसीना आपने बहाया, दिनरात बिना सोये, बिना थके आप लोग चलते रहे, लेकिन लोग पीठ मेरी थपथपा रहे हैं। यह आपका प्‍यार है, आपकी मेहनत है, जिसके कारण यह संभव हुआ है और इसलिए काशी की सांसद के नाते मेरी इस कर्मभूमि के नाते मैं आज एक विशेष संतोष की अनुभूति करता हूं और मुझे विश्‍वास है कि मेरी काशी आपके माध्‍यम से फिर एक बार दुनिया के हर व्‍यक्ति के दिल में जगह बनाएगी और हर किसी को काशी आने का मन करे । मैं अंत में फिर से एक बार आप सभी का काशी में पधारने के लिए हृदय से बहुत-बहुत आभार व्‍यक्‍त करता हूं। भारत में आपका यह प्रवास सुखद रहे, इसी कामना के साथ बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं, मैं व्‍यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, सांसद के रूप में नहीं, व्‍यक्तिगत अपने आनंद के लिए पिछले एक-दो साल से कार्यक्रम कर रहा हूं। भारत में मार्च महीना एक प्रकार से exam का महीना होता है और 10वीं, 12वीं की परीक्षा यानि परिवार में सालभर एक तनाव का माहौल होता है। हर किसी को लगता है बच्‍चे को 10वीं में ज्‍यादा Marks मिले, 12वीं में ज्‍यादा Marks मिले, एक तनाव का माहौल होता है। तो मैं हमेशा कोशिश कर रहा हूं कि exam के पहले सभी बच्‍चों से, उनके parents से, उनके Guardian से, उनके अभिभावकों से, उनके teacher से मैं संवाद करूं और परीक्षा को बड़ा संकट न माने लोग इसके लिए जो भी बातें समझा सकता हूं मैं समझाऊं। मुझे खुशी है इस 29 जनवरी को मैं देशभर के और इस बार तो विदेश के लोग भी जुड़ रहे हैं। उनके बच्‍चे भी, उनके family के लोग भी नरेंद्र मोदी App के माध्‍यम से, video के माध्‍यम से जुड़ने वाले हैं। करोड़ों-करोड़ों परिवारों के साथ exam warriorsके संबंध में मैं संवाद करने वाला हूं। बच्‍चों से बातचीत करने वाला हूं और परीक्षा का तनाव बच्‍चों का न रहे इसके लिए जो भी तौर-तरीके बता सकता हूं, मैं बताने वाला हूं, 29 जनवरी, 11 बजे, मुझे विश्‍वास है कि आप भी अपने परिवार के लोगों को सूचना करेंगे कि वहां आपके परिवार के लोग भी अगर इस exam के इस कालखंड में हो तो वे भी उसका फायदा उठा सकते हैं।

मैं फिर एक बार इस भव्‍य योजना के लिए और हमारे मित्र प्रवीन्‍द जगन्‍नाथ जी का परिवार के साथ यहां आना, समय देना, इसका कार्यक्रम की शोभा बढ़ाना मैं इसके लिए उनका बहुत हृदय से आभार व्‍यक्‍त करता हूं। उनके पिता जी ने मॉरिशस को बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। एक प्रकार से आधुनिक मॉरिशस के वो architecture हैं। उनका भी उतना ही प्‍यार हम सब बना हुआ है। पिछले दिनों उनके पिता जी विशेष रूप से परिवार के साथ काशी की यात्रा के लिए आए थे, आज प्रवीन्‍दजी का आना हो गया, परिवार के साथ कविता जी को ले करके आए गए। मैं मानता हूं उनका भारत के प्रति जो आपार स्‍नेह हैं। वो दिनों-दिन बढ़ता चला जा रहा है। उन्‍होंने समय दिया, शोभा बढ़ाई, उनका भी आभार व्‍यक्‍त करता हूं। मैं फिर एक बार आप सब को अनेक-अनेक शुभकामनाओं के साथ बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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अतुल तिवारी/शाहबाज़ हसीबी/बाल्‍मीकि महतो/तारा/ममता

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The Prime Minister Shri Narendra Modi inaugurated the plenary session of the 15th edition of Pravasi Bharatiya Diwas at Deendayal Hastkala Sankul in Varanasi today.

Chief Guest of PBD 2019, Prime Minister of Mauritius, PravindJugnauth, ,Governor of Uttar Pradesh Ram Naik, External Affairs Minister Sushma Swaraj along with UP Chief Minister Yogi Adityanath, Chief Minister of Haryana, Manohar Lal Khattar, Chief Minister of UttarakhandTrivendra Singh Rawat, Union Minister of State for Overseas Indian Affairs Retd.General V K Singh and several other dignitaries graced the occasion.

 

 

In his address, Prime Minister Narendra Modi said it is the love and affection of the diaspora for the land of their forefathers which has brought them to India. He called upon the NRI community to join hands for building a new India.

PM lauded the role of Indian diaspora in keeping alive the tradition of VasudhaivaKutumbakam. He said the NRIs are not only the Brand Ambassadors of India but also represent its strength, capabilities and characteristics. He urged the diaspora to participate in building a New India specially in research and innovation.

PM said that with its rapid progress, India is being seen on a high pedestal across the world and is in a position to lead the global community. International Solar Alliance is one such example. Mr. Modi added that local solution and global application is our mantra. He termed International Solar Alliance as a step in the direction of One World, One Sun, One Grid.

 

 

Prime Minister said that India is on course to become a global economic powerhouse. It has one of the largest start-up ecosystems and world's largest healthcare scheme to its credit. We have moved on with great strides in Make in India. A bumper harvest production has been our major achievement.

PM lamented that due to lack of will power and proper policies of the previous Government, a large chunk of funds earmarked for them was not available for the Beneficiaries. However today, he said we have plugged the loopholes in the system with the help of technology. The loot of public money has been stopped and 85 percent of the lost money has been made available and transferred directly into the bank accounts of the beneficiaries. PM said that now Rs. 5,80000 crores has transferred directly into people's accounts over the past four and a half years.PM narrated how 7 crore fake names have been struck off the list of beneficiaries, which is almost equal to the population of Britain, France and, Italy.

PM said these are some of the glimpses of changes ushered in by his Government which reflect the New Confidence of a New India.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

PM said the diaspora is equally important in our resolve for a New India. He added that their safety is also our concern and cited how the Government took upon the challenge of evacuating more than 2 lakh Indians stranded in conflict zones.

Speaking about the welfare of Indians overseas, Mr. Modi said passport and visa rules have been simplified and e visa had made it much easier for them to travel. All PravasiBharatiya are now being linked to Passport Sewa and efforts are in to issue chip based E passport.

PM said that a Pravasi Teerth DarshanYojana is being taken up. He urged overseas Indian to invite 5 non Indian families to visit India. PM also requested them to spread the values of Gandhi ji and Guru Nanak Dev ji and become a part of their anniversary celebrations. He said that we feel proud that global community joined us in compilation of Bapu’s favourite bhajan, Vaishnava jan.

PM complimented the role of the residents of Kashi in making PBD successful with their warmth and hospitality. PM said that ahead of upcoming School Board examinations, he will interact with the parents and students through NAMO App in ParikshapeCharcha - at 11am on 29th January, 2019.

 

Chief Guest of PBD -2019, Mauritius PM, PravindJugnauth invoked the memories of Indian diaspora and their connect with the land of their forefathers. Speaking in Hindi and English, he said such gatherings reinforce the identity of overseas Indians as the members of one family with shared history and culture. He said, if India is unique, Indianness is universal. The Mauritian PM told that an educated and self reliant diaspora can play a major role in nation building and the Diaspora connect can help multilateralism.

He enthralled the crowd with his Bhojpuri dialect and announced that Mauritius will organise the first International Bhojpuri festival.

In her welcome address, External Affairs Minister said India today feels proud under the dynamic leadership of PM Modi. She thanked Indian diaspora for their linkages with the motherland. Chief Minister of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath said PBD and Kumbh in Uttar Pradesh are a reflection of Ek Bharat Shreshtha Bharat.

Prime Minister Modi felicitated the winners of Bharat koJaniye quiz competition. This is a quiz competition on India meant for the young Indian diaspora.

Closing ceremony of PBD will be held tomorrow on January 23, 2019 where President RamnathKovind will confer PravasiBharatiyaSamman to select overseas Indians for their contributions.

After the Convention, on 24th January, the visiting diaspora delegates will visit Prayagraj for KumbhMela. They will then proceed to Delhi on 25th January and witness the Republic Day Parade at Rajpath, New Delhi.

 

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AKT/PAK/KP

 

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The Vice President of India, Shri M. Venkaiah Naidu has asked young students to work to serve the less privileged and less fortunate. He said that it was very important for the younger generation to be empathetic to sufferings and struggles of fellow citizens and to strive to do something meaningful for their betterment.

Shri Naidu was interacting with a group of Students from Kerala, here today, who are in Delhi as a part of a tour programme being organized by ‘Mathrubhumi’, a Media House from Kerala, in connection with the 150th Birth Anniversary celebrations of Mahatma Gandhi.

The Vice President stressed upon the importance of education in bringing social, cultural and economical transformation in the country. He called upon students to imbibe a habit of constant learning and embrace emerging technologies to keep pace with the changing world.

Expressing concern over the rising incidence life style disease, Shri Naidu urged the students to be aware of the hidden dangers of modern life style, comprising of unhealthy food and physically dormant jobs. He asked them to develop the habit of regular physical exercise, especially practicing Yoga and dedicate time for outdoor activities, to stay healthy.  

He wanted students and the younger generation to respect nature and learn to live with nature. ‘You must keep it in mind that nature and culture together work for the betterment of humanity’, he said.

Observing that unity in diversity is India's greatest strength, Shri Naidu asked youngsters to study the History of this great country diligently and to learn to appreciate the uniqueness of Indian culture. ‘They must be aware of our country's great culture and timeless traditions and work to fortify India's spirit’, he said.

Unveiling his vision of building a strong, stable, unified, prosperous and inclusive India, the Vice President encouraged the citizens of this country to perform their duties with utmost sincerity, to the best of their capabilities.

Applauding Mathrubhumi for celebrating the 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi, Shri Naidu said that the Mahatma had given us the most powerful weapons of truth and non violence to defeat the greatest of odds. ‘Mahatma Gandhi’s vision of service and humanism has inspired and motivated generations of world leaders’, he added.

The Vice President said that Gandhiji was an inspiration to all mankind.  Speaking of Gandhiji’s deep sense of compassion and inclusiveness that defined his outlook, Shri Naidu said that the Mahatma truly believed that cleansing our inner being of all evils was as important as cleansing our countries of servitude.

Expressing great pride at the Indian civilization that has always considered the world as one family, (Vasudhaiva Kutumbakam), the Vice President said that our commitment to the cause of climate change, solar energy and conserving nature, will hopefully, get reflected in educating students and making them globally responsible citizens.

Urging the students to speak only in their mother tongues at home, the Vice President asked them to always remember with love and gratitude the Mother, Mother tongue, Motherland, Birth place and Guru.

 

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AKT/BK/MS/RK

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Power Minister administers oath of Office to new CERC Member Shri Indu Shekhar Jha

Shri Lalchharliana Pachuau appointed as Member Joint Electricity Regulatory Commission for Manipur and Mizoram

Shri R K Singh, Union Minister of State (IC) for Power and New & Renewable Energy administered the oath of Office and Secrecy to Shri Indu Shekhar Jha here today. Shri Jha was appointed Member of Central Electricity Regulatory Commission (CERC) vide Order dated 4.1.2019. Prior to this, he was holding the post of CMD, Powergrid Corporation of India Ltd (PGCIL) since 2015.

 

In addition, Shri Lalchharliana Pachuau was appointed as Member, Joint Electricity Regulatory Commission for Manipur and Mizoram from Mizoram side. Shri Pachuau has been appointed for a period of five years or till the age of 65 years whichever is earlier in accordance with the provisions in the Memorandum of Agreement signed by the State Governments of Manipur and Mizoram. He has worked as Chief (Engg) in JERC for Manipur & Mizoram since July 2013.

 

About CERC:

The Central Electricity Regulatory Commission (CERC) had been established by the Government of India under the provisions of the Electricity Regulatory Commissions (ERC) Act, 1998. CERC is the Central Commission for the purposes of the Electricity Act, 2003 which has repealed the ERC Act, 1998. The Commission consists of a Chairperson and four other Members including Chairperson, Central Electricity Authority who is the ex-officio Member of the Commission.

Major functions of CERC under the Act, inter-alia, are –

 

  • to regulate the tariff of generating companies owned or controlled by the Central Government,
  • to regulate the tariff of other generating companies having a composite scheme for generation and sale of electricity in more than one State,
  • to regulate the inter-State transmission of electricity and to determine tariff for such transmission of electricity, etc.

 

Under the Act, CERC shall also advise the Central Government on-

 

  • formulation of National Electricity Policy and Tariff Policy;
  • promotion of competition, efficiency and economy in activities of electricity industry;
  • promotion of investment in electricity industry; and
  • any other matter referred to the Central Commission by the Government.

 About JERC:

The Central Government constituted Joint Electricity Regulatory Commission (JERC) for Manipur and Mizoram in pursuance of provisions of the Electricity Act, 2003 and the Memorandum of Agreement signed by the State Governments of Manipur and Mizoram, authorizing Government of India to constitute a JERC on their behalf.  It is a two-Member Commission, each Member representing the respective participating State. The Central Government appoints the Members of the Commission from Manipur and Mizoram sides under the provisions of the Act and in pursuance of MoA.

 

The major functions of the Commission under the Act, inter-alia, are-

 

  • to regulate the tariff for generation, supply, transmission and wheeling of electricity, whole sale, bulk or retail as the case may be within the State;
  • to regulate the electricity purchase of distribution licensees,
  • facilitate intra-state transmission and wheeling of electricity;
  • issue licenses to transmission licensees, distribution licensees and electricity traders;
  • promote cogeneration and generation of electricity from renewable sources of energy and
  • adjudicate upon the disputes between the licensees and generating companies, etc.

 

 

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RCJ/MS

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